Dard Shayari | “हमने आँसू बहाए हैं”
Dard Humne Sambhala Hai Humne Aansu Bahaye Hain,
Beshak Wajah Tum The Par Dil Toh Humara Tha.

 
 

दर्द हमने संभाला है हमने आँसू बहाए हैं,
बेशक वजह तुम थे पर दिल तो हमारा था।


درد ہمنے سمبھالا ہے ہمنے آنسو بھایں ہیں,
بیشک وجہ تم تھے پر دل تو ہمارا تھا.
Shayari for Dard | “हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि”
Woh Toh Apna Dard Ro-Ro Kar Sunate Rahe,
Humari Tanhayion Se Bhi Aankh Churate Rahe,
Humein Hi Mil Gaya Khitab-e-Bewafa Kyunki,
Ham Har Dard Muskura Kar Chhupate Rahe.


 
 

वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे,
हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि,
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे।
وہ  تو اپنا درد  رو-رو  کر  سناتے    رہے
ہماری  تنھایئوں  سے  بھی  آنکھ  چراتے   رہے
ہمیں  ہی  مل  گیا  خطا -ا -بیوفا   کیوںک
ہم  ہر  درد  مسکرا کر چھپاتے رہے
Shayari for Dard |”सुना है आज उनको हमारे ज़िकर से भी नफ़रत है”
Kabhi Usne Bhi Hume Chahat Ka Paigham Likha Tha,
Sab Kuch Nsne Apna Humare Naam Likha Tha,
Suna Hai Aaj Unko Humare Zikar Se Bhi Nafrat Hai,
Jisne Kbhi Apne Dil Par Humara Naam Likha Tha.

 

 

कभी उसने भी हमें चाहत का पैग़ाम लिखा था,
सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था,
सुना है आज उनको हमारे ज़िकर से भी नफ़रत है,
जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था।
کبھی  اسنے  بھی  ہمے  چاہت  کا  پےغام  لکھا  تھا
سب  کچھ  اسنے  اپنا  ہمارے  نام  لکھا  تھا
سنا  ہے  آج  انکو  ہمارے  ذکر سے  بھی  نفرت  ہے
جسنے  کبھی  اپنے  دل  پر  ہمارا  نام  لکھا  تھا
Shayari for Dard |”मेरी ज़िन्दगी को तन्हाई ढूँढ लेती है,”
Meri zindagi ko tanhai dhundh leti hai
meri har khushi ko rusavai dhundh leti hai,
thehri hui hain manzilen andheron mein kab se,
mere zakhm ko game-judai dhundh leti hai!



 

मेरी ज़िन्दगी को तन्हाई ढूँढ लेती है,
मेरी हर खुशी को रुसवाई ढूँढ लेती है,
ठहरी हुई हैं मंजिलें अंधेरों में कबसे,
मेरे ज़ख्म को गमे-जुदाई ढूँढ लेती है!
میری زندگی کو تنہائی ڈھونڈ لیتی ہے
میری ہر خوشی کو رسوائی ڈھونڈ لیتی ہے
ٹھہری ہی ہیں منزلیں اندھیروں میں کب سے
میرے زخم کو گیم -جدائی ڈھونڈ لیتی ہے